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भागवत कथा के चौथे दिन मनाया गया भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव

कहिंजरी खुर्द में हो रही श्रीमद् भागवत कथा के चौथे दिन बुधवार को कथावाचक ने भगवान श्री कृष्ण के जन्म की कथा के माध्यम से भक्तों का मार्गदर्शन किया

सात दिवसीय श्रीमदभागवत कथा ज्ञानयज्ञ के चौथे दिन भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाया गया. इस दौरान कथा पंडाल में प्रसिद्ध भजन ‘नंद के घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की’ पर सभी श्रद्धालु काफी देर तक झूमते व थिरकते रहे. श्रीकृष्ण-जन्मोत्सव कार्यक्रम को लेकर कथा पंडाल को गुब्बारे व फूल-माला से आकर्षक ढंग से सजाया गया था.

भक्तिगणो ने बधाई गीत पर झूमते हुए जन्म की खुशियां मनाई कथावाचक महेश चंद पांडे ने श्रोताओं को बताया कि भगवान श्री कृष्ण का प्राकृतिक केवल एक दिव्या घटना थी जन्म का उद्देश्य धर्म की स्थापना और अधर्म का विनाश करना था कंस के अत्याचारों से परेशान प्रजा की भगवान श्री कृष्ण ने रक्षा की

कथावाचक ने कहा कि जब-जब अत्याचार, अनाचार व अन्याय बढा है, तब-तब प्रभु का अवतार होता है. अत्याचार को समाप्त कर धर्म की स्थापना को लेकर ही प्रभु का अलग-अलग रूपों में अवतार होता है. जब कंस ने सभी मर्यादाएं तोड दी, तो प्रभु श्रीकृष्ण का जन्म हुआ. कथा के दौरान बासुदेव, यशोदा व श्रीकृष्ण के बाल-रूप की झांकी देख सभी श्रद्धालु जयकारा लगाते हुए नृत्य करने लगे. प्रवचन के क्रम में कथावाचक ने कहा कि जीवन में अच्छे रास्ते पर जाना है, तो संकल्प लेना जरूरी है. हर बच्चे को अपने माता-पिता व गुरू की बातों को मानना चाहिए. जिन बच्चों के उपर माता-पिता का आशीर्वाद है, उन्हें संसार में सब कुछ प्राप्त है. हर एक माता-पिता को चाहिए कि अपने साथ बच्चों को भागवत कथा, सत्संग, कीर्तन में जरूर साथ लाएं. धर्म की कथा सुनने से बच्चों में अच्छी संस्कार आती है

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कथा वाचक ने कहा कि सत्य और धर्म को कोई भी शक्ति लंबे समय तक दवा नहीं सकती है वही बाली वामन कथा के माध्यम से समझाया कि अहंकार मनुष्य के पतन का प्रमुख कारण बनता है ईश्वर के सामने किसी का प्रराक्रम नहीं चलता है बल्कि सच्ची विनम्रता से जीत मिलती है उन्होंने कहा कि पाप और छल की राह पर चलने वालों का अंत हमेशा दुखद होता है जबकि धर्म का साथ देने वालों को भगवान मदद करते हैं कथावाचक ने सुख और शांति के लिए भक्तगणो को जीवन में धर्म सदाचार संयम और सत्य को अपनाने की सलाह दी

कथा के अंत में प्रसिद्ध आरती ‘श्री भागवत भगवान की है आरती, पापियों को पाप से है तारती’ का सामूहिक रूप से गायन हुआ. फिर श्रद्धालुओं के बीच महाप्रसाद का वितरण भी किया गया.

इस मौके पर सुनील पांडे मोनू पांडे जीतू सिंह धीरेंद्र सिंह संजय सिंह रमेश पाण्डेय नन्नू यादव श्रेयांश पांडे केशव सिंह सोनू सिंह गौर सरमन सिंह गौर अमन सिंह शिवबालक सिंह गौर राजेंद्र पाण्डेय आदि भक्तगण उपस्थि त रहे

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